विश्व हाथी दिवस पर हाथियों के संरक्षण का लें संकल्प।।
जीपीएम में विचरण कर रहे तीन हाथियों का दल, फसलों और कच्चे मकानों को पहुंचा नुकसान।।।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। हर वर्ष 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए लोगों को जागरूक करना है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बीते कई वर्षों से समय-समय पर हाथियों के दल पहुंचते रहे हैं। वर्तमान में भी तीन हाथियों का दल मरवाही क्षेत्र में विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी जा रही है।
राहत की बात यह है कि जिले में हाथियों के विचरण के बावजूद अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि हाथियों के कारण कई बार ग्रामीणों की फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग द्वारा ऐसे मामलों को तत्काल संज्ञान में लेकर क्षति का आकलन किया जाता है और नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार कर प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाता है।
जानकारों के अनुसार हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके पारंपरिक विचरण मार्ग सुरक्षित रखना मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जंगलों और वन क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियां बढ़ने से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित होते हैं।
विश्व हाथी दिवस पर जिलेवासियों को हाथियों के संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। हाथियों के विचरण के दौरान उनसे दूरी बनाए रखें, भीड़ न लगाएं और किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। हाथियों की सुरक्षा के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।।।



