नेपाल में प्रलयकारी बाढ़ से तबाही, 157 शव बरामद;सैकड़ो लापता,, भारत ने बढ़ाई निगरानी।।
काठमांडू। नेपाल में तिब्बत सीमा के पास भोटे कोशी और त्रिशूली नदी बेसिन में बुधवार, 26 अगस्त को आई अचानक प्रलयकारी बाढ़ से भारी तबाही मच गई। रसुवा समेत आसपास के कई जिले प्रभावित हैं। अब तक 157 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 403 नेपाली और विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी है। बाढ़ में बड़ी संख्या में घर, वाहन और सड़क-पुल समेत बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है।
नेपाल पुलिस के अनुसार चितवन से 64, धाडिंग से 27, पूर्वी नवलपरासी से 22, गोरखा से 19, नुवाकोट से 13, तनहुं से 9 और रसुवा से 3 शव बरामद हुए हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
भारत ने भी बढ़ाई सक्रियता
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार भारत ने नेपाल के लिए 10 टन राहत एवं मेडिकल सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई गई है। जरूरत पड़ने पर सी-17 और सी-130 विमानों तथा हेलीकॉप्टरों से अतिरिक्त मदद पहुंचाने की तैयारी है।
नेपाल से आने वाले पानी के संभावित असर को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। गंडक-नारायणी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन भी जारी की है।
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